इससे पहले अमरीका में ९१८ लोगों ने एकसाथ की थी खुदखुशी : वजह जानकर हैरान होंगे जरूर

By | 02/07/2018

mass suicide cases in world

दिल्ली के बुराड़ी में एक ही परिवार के 11 लोगों की मौत ने पुरे देश को हिला कर रख दिया। किसीको यकीन नहीं हो रहा है की यह सच में खुदखुशी है या कुछ और , लेकिन कुछ तथ्य जो सामने आये है यह तो इसीकी तरफ इशारा कर रहे है। लेकिन आपको बता दे के इस तरह की घटनाएं सिर्फ भारत में नहीं बल्कि अन्य देशो में भी इससे पहले हो चुकी है , जिसमे अमरीका तक शामिल है.

प्राथमिक जानकारी से तो ऐसा ही लग रहा है की , धार्मिक अंधविश्वास के चलते इस पूरे परिवार ने मौत को गले लगा लिया. बुराड़ी में मृतकों के परिवार से पुलिस को जो रजिस्टर मिले हैं, उनमें अलौकिक शक्तियों, मोक्ष के लिए मौत ही एक द्वार व आत्मा का अध्यात्म से रिश्ता जैसी अजीबोगरीब बातें लिखी हैं. जिनपर आज के युग में विश्वास करना भी मुश्किल है। इतिहास में इससे पहले भी सामूहिक आत्महत्या करने की घटनाएं कई बार हुई हैं और ज्यादातर मौकों पर वजह धार्मिक अंधविश्वास ही रहा है. मोक्ष के लिए खुदकुशी करने की घटनाएं दुनिया में कई बार और बड़े पैमाने पर हो चुकी हैं। तो आएगे नजर डालते है ऐसी ही कुछ अजीबोगरीब सामूहिक आत्महत्या जो पहले हो चुकी है.

  • अमेरिका में ९१८ लोगोंने एकसाथ की थी खुदखुशी

18 नवंबर, 1978 को 918 लोगों ने पीपुल्स मंदिर के धार्मिक गुरु जिम जोंस के अगुवाई में आत्महत्या कर ली थी. मृतकों में 276 बच्चे तक भी शामिल थे. ये घटना जोनास्टाउन मंडप के मंदिर में हुई थी. इस मंदिर के लोगों को रूस में किसी स्थान पर जाकर खुदकुशी करनी थी लेकिन जब ऐसा होने में अड़चन हुई तो धार्मिक गुरु जोंस ने अपने सदस्यों का अाह्वान किया कि उन्हें वहीं गरिमा के साथ मर जाना चाहिए. उनका कहना था कि हम अमानवीय दुनिया का विरोध करते हुए क्रांतिकारी आत्महत्या कर रहे हैं. इसके बाद सभी ने सायनाइड की गोलियां खाकर जान दे दी. लेकिन चालक जोंस और उसकी नर्स ने ऐसा नहीं किया था

  • कैलिफोर्निया में हो चुकी है सामूहिक आत्महत्या

24 मार्च से 27 मार्च 1997 तक, हेवन गेट के 39 अनुयायियों ने बड़े पैमाने पर कैलिफोर्निया में आत्महत्या की थी. इन लोगों को विश्वास था कि उनके समूह की शिक्षाओं के मुताबिक उनकी आत्महत्या के माध्यम से वे “अपने मानव शरीर से बाहर निकल रहे थे” ताकि उनकी आत्माएं एक अंतरिक्ष यान पर एक यात्रा पर जा सकें.

  • धार्मिक बंधन से छुटकारा पाने के लिए आत्महत्या

बांग्लादेश के माईमेंसिंघ में एक परिवार के सभी सदस्यों ने खुद को ट्रेन में फेंककर बड़े पैमाने पर आत्महत्या की. यह घटना २००७ की है। पीड़ितों के घर से प्राप्त डायरी, “एडम हाउस” से संबंधित वे आदम और हव्वा के जीवन के रूप में शुद्ध जीवन चाहते थे, खुद को किसी भी धर्म के बंधन से मुक्त करना चाहते थे

कोई भी धर्म सूसाइड की अनुमति नहीं देता लेकिन फिर भी लोग कुछ लोगों के संपर्क में आने के बाद अपना मानसिक संतुलन खो देते है और इस व्यक्ति की हर बात को ही धर्म समझ बैठते है, और ऐसी घटनाये फिर सामने आती है